कुछ नहीं दिखता

सच कहूं  तू जहां तक मुझे दिखता है ।
वहां तक मुझे कुछ भी नहीं दिखता है ।

रुक जाए तो भूले से दफ़न न करना ,
टूटा दिल  ऊंची कीमत पर बिकता है ।

पहले सा टिकाऊपन नहीं रहा चीजों में
इश्क़ ज्यादा दिन अब कहाँ टिकता है ।




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