कारावास
ये जो मेरे मुल्क के गद्दार नेता है जिन्होंने मां भारती का गला रेता है जिन्हें मिलना चाहिए था कारावास उन्हें मिल रहा है कार और आवास
शब्द ताकत बड़ी हुए मत न जोर से न बोल बारिश में फसलां उगे नहीं बाढ़ को मोल सोच में रखो लोच तो जिंदगी में लोचा कम होगा । लेखक एक राष्ट्रवादी कवि है ।