चुनाव के बाद

दिखती  नहीं गरीबों की पीड़ चुनाव के बाद ,
ये आम जनता लगती है भीड़ चुनाव के बाद,
बंगला  मिला है  जब से मंत्री जी को तो अब
भाती नहीं खपरैल की ये नीड़ चुनाव के बाद ।।

अब  बसते नहीं  मज़दूर सीने में चुनाव के बाद,
बदबू आने लगी है अब पसीने में चुनाव के बाद,
सजी रहती है मंचों पर बिसलरी की बोतलें
हिचकते हैं लोटे का पानी पीने में चुनाव के बाद ।।

ज़हर वो किसानों को पीने नहीं देंगें चुनाव के बाद,
वादा था गरीबी  में यूँ जीने नहीं देंगें चुनाव के बाद,
बाढ़ में बहे मकान हेलीकॉप्टर से देखने निकले हैं
कहते थे छत तुम्हारी चूने  नहीं देंगें चुनाव के बाद ।।







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