क्यों जला रहे हो

नफरतों की ढपली पर
किसके  गीत गा  रहे हो ।
मज़हबी मवाद क्यो तुम
सड़कों पर फैला रहे हो  ।
हिंदुस्तान तुम्हारे बाप का है 
तो फिर क्यो जला रहे हो ।

Comments

Post a Comment

Pls read and share your views on
manojnaayaab@gmail.com

Popular posts from this blog

ये भी तो हिंसा है

दोस्त जो चले गए

चांद को पानी में...