ठाकुर
तलवार मुग़लों की रक्त ठाकुर का भाला दुश्मन का छाती ठाकुर की दुश्मन सबका धड़ ठाकुर का लड़ाई सबकी शव ठाकुर का अनाथ बच्चे ठाकुर के विधवा ठाकुर की
शब्द ताकत बड़ी हुए मत न जोर से न बोल बारिश में फसलां उगे नहीं बाढ़ को मोल सोच में रखो लोच तो जिंदगी में लोचा कम होगा । लेखक एक राष्ट्रवादी कवि है ।